कटरा रेंज में दिनदहाड़े हरियाली को तबाह कर कीमती लकड़ी उठा ले गए वन माफिया कटघरे के घेरे में वन महकमा
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कटरा रेंज में दिनदहाड़े हरियाली को तबाह कर कीमती लकड़ी उठा ले गए वन माफिया कटघरे के घेरे में वन महकमा
रंजीत तिवारी
रुपईडीह, गोण्डा। कटरा रेंज में लकड़कट्टो के हौसले बुलंद हैं। दो सप्ताह पहले शिवगढ़ के नऊवन पुरवा में दिनदहाड़े हरे आम, बेल, शीशम और सागौन के पेड़ बिना परमिट काट डाले गए। शिकायत के बावजूद वन विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। यह पहला मामला नहीं है। महीनों पहले मऊ शमसाबाद नहर माइनर के पास भी दर्जनों सागौन के पेड़ ठेकेदार काट ले गए थे। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में अवैध रूप से काटे गए गूलर, आम, पाकड़, नीम,शीशम जैसे प्रतिबंधित पेड़ों को अंधेरा होने के बाद से देर रात तक ट्रैक्टर-ट्राली/ पिकप वाहन से हाईवे किनारे संचालित लकड़ी अड्डियों तक पहुंचाया जाता है। वहां से ट्रक और डीसीएम में लादकर लकड़ी दूसरे राज्यों में खपा दी जाती है। जिम्मेदारों की मिलीभगत से यह खेल दिन-रात चल रहा है। शासन के वृक्षारोपण अभियान बेअसर हैं। अवैध कटान से पर्यावरण तबाह हो रहा है और राजस्व को भी लाखों का नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठे तो कटरा रेंज में हरियाली का नामोनिशान मिट जाएगा।
